वो रोई तो जरूर होगी, खाली कागज़ देखकर, ज़िन्दगी कैसी बीत रही है, पूछा था उसने ख़त में....
Tuesday, 24 June 2014
तेरी याद:
बेगाना हम ने नहीं किया किसी को
जिस का दिल भरता गया वो हमे छोड़ता गया
ना करूं तुझको याद तो खुदकी साँसों में उलझ जाता हूँ मैं
समझ नहीं आता की ज़िन्दगी साँसों से हे या तेरी यादों से.
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